झारखंड

आज मारवाड़ी भवन, हरमू रोड, राँची में झारखण्ड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित त्रि-दिवसीय ‘मारवाड़ महोत्सव–2026′ का आयोजन

नवोदय वार्ता, लोक भवन, राँची16 जनवरी, 2026

रांची। माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने आज मारवाड़ी भवन, हरमू रोड, राँची में झारखण्ड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित त्रि-दिवसीय ‘मारवाड़ महोत्सव–2026’ के उद्घाटन समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि राजस्थान एवं मारवाड़ी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पारंपरिक विरासत को झारखण्ड की पावन धरती पर जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजन हमारी विविधतापूर्ण सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राज्यपाल महोदय ने कहा कि महोत्सव के अंतर्गत पारंपरिक लोकनृत्य, लोकसंगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी एवं विविध प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं, जो सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द एवं सांस्कृतिक विविधता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘विकास के साथ विरासत’ तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता है। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी ‘विविधता में एकता’ है।
राज्यपाल महोदय ने मारवाड़ी समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि परोपकार, सेवा-भावना, अनुशासन, श्रम, ईमानदारी और उद्यमशीलता इस समाज की विशिष्ट पहचान रही है। व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में मारवाड़ी समाज ने देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सदैव महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जहाँ भी यह समाज रहा, वहाँ स्थानीय संस्कृति के साथ आत्मीय समन्वय स्थापित किया।

राज्यपाल महोदय ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश के बरेली से आते हैं और वहाँ उन्होंने मारवाड़ी समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक, शैक्षणिक एवं परोपकारी कार्यों को निकटता से देखा है। यह समाज राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निरंतर निभाता रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि झारखण्ड राज्य विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा और इसमें मारवाड़ी समाज अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।
राज्यपाल महोदय ने कार्यक्रम के उपरांत महोत्सव परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button